### परिचय (Introduction) - **जीव विज्ञान (Biology):** विज्ञान की वह शाखा जिसमें जीवों (पौधों, जंतुओं, सूक्ष्मजीवों) का अध्ययन किया जाता है। - **कक्षा 10 जीव विज्ञान:** जीवन प्रक्रियाओं (Life Processes) पर केंद्रित। - **जीवन प्रक्रियाएँ (Life Processes):** वे सभी क्रियाएँ जो किसी जीव को जीवित रहने और अपने अस्तित्व को बनाए रखने के लिए आवश्यक होती हैं। - पोषण (Nutrition) - श्वसन (Respiration) - वहन (Transportation) - उत्सर्जन (Excretion) - नियंत्रण एवं समन्वय (Control and Coordination) - प्रजनन (Reproduction) ### पोषण क्या है? (What is Nutrition?) - **परिभाषा:** भोजन ग्रहण करने और उसे ऊर्जा प्राप्त करने, वृद्धि करने, ऊतकों की मरम्मत करने तथा जीवन की अन्य प्रक्रियाओं को बनाए रखने के लिए उपयोग करने की प्रक्रिया को पोषण कहते हैं। - **पोषक तत्व (Nutrients):** वे पदार्थ जो जीवों को ऊर्जा और वृद्धि के लिए आवश्यक होते हैं। - कार्बोहाइड्रेट (Carbohydrates): ऊर्जा का मुख्य स्रोत। - वसा (Fats): ऊर्जा का संग्रहित रूप, शरीर को गर्म रखना। - प्रोटीन (Proteins): शरीर की वृद्धि और मरम्मत के लिए। - विटामिन (Vitamins): रोगों से बचाव और शारीरिक क्रियाओं के लिए। - खनिज (Minerals): हड्डियों, दाँतों के लिए, शरीर के कार्यों के लिए। - जल (Water): शरीर के तापमान को नियंत्रित करता है, पोषक तत्वों का वहन करता है। ### पोषण के प्रकार (Types of Nutrition) पोषण मुख्य रूप से दो प्रकार का होता है: #### 1. स्वपोषी पोषण (Autotrophic Nutrition) - **परिभाषा:** पोषण का वह तरीका जिसमें जीव अपना भोजन स्वयं सरल अकार्बनिक पदार्थों (कार्बन डाइऑक्साइड, जल) से सूर्य के प्रकाश की उपस्थिति में बनाते हैं। - **उदाहरण:** सभी हरे पौधे, कुछ जीवाणु। - **प्रकाश संश्लेषण (Photosynthesis):** - वह प्रक्रिया जिसमें हरे पौधे क्लोरोफिल की सहायता से सूर्य के प्रकाश की ऊर्जा का उपयोग करके कार्बन डाइऑक्साइड और जल से अपना भोजन (ग्लूकोज) बनाते हैं। - **रासायनिक समीकरण:** $$6CO_2 + 6H_2O \xrightarrow{\text{सूर्य का प्रकाश, क्लोरोफिल}} C_6H_{12}O_6 + 6O_2$$ - **प्रकाश संश्लेषण के लिए आवश्यक घटक:** - **कार्बन डाइऑक्साइड ($CO_2$):** पत्तियों में मौजूद छोटे छिद्रों (स्टोमेटा) के माध्यम से वायुमंडल से प्राप्त होती है। - **जल ($H_2O$):** जड़ों द्वारा मिट्टी से अवशोषित किया जाता है और जाइलम द्वारा पत्तियों तक पहुँचाया जाता है। - **सूर्य का प्रकाश (Sunlight):** ऊर्जा का स्रोत। - **क्लोरोफिल (Chlorophyll):** पत्तियों में पाया जाने वाला हरा वर्णक जो सूर्य के प्रकाश की ऊर्जा को अवशोषित करता है। यह क्लोरोप्लास्ट (हरितलवक) में मौजूद होता है। - **प्रकाश संश्लेषण की घटनाएँ:** 1. क्लोरोफिल द्वारा प्रकाश ऊर्जा का अवशोषण। 2. प्रकाश ऊर्जा को रासायनिक ऊर्जा में परिवर्तित करना और जल के अणुओं का हाइड्रोजन और ऑक्सीजन में विखंडन। 3. कार्बन डाइऑक्साइड का कार्बोहाइड्रेट (ग्लूकोज) में अपचयन। - **स्टोमेटा (Stomata - रंध्र):** - पत्तियों की सतह पर पाए जाने वाले छोटे छिद्र। - **कार्य:** - गैसों का आदान-प्रदान (कार्बन डाइऑक्साइड अंदर, ऑक्सीजन बाहर)। - वाष्पोत्सर्जन (Transpiration): पत्तियों से जल का वाष्प के रूप में बाहर निकलना। - **संरचना:** दो द्वार कोशिकाओं (Guard Cells) से घिरे होते हैं जो रंध्र के खुलने और बंद होने को नियंत्रित करती हैं। - द्वार कोशिकाओं में जल प्रवेश करने पर वे फूल जाती हैं और रंध्र खुल जाता है। - द्वार कोशिकाओं से जल बाहर निकलने पर वे सिकुड़ जाती हैं और रंध्र बंद हो जाता है। #### 2. विषमपोषी पोषण (Heterotrophic Nutrition) - **परिभाषा:** पोषण का वह तरीका जिसमें जीव अपना भोजन स्वयं नहीं बना सकते और वे प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से स्वपोषियों पर निर्भर करते हैं। - **उदाहरण:** मनुष्य, जानवर, कवक (फंगी), अधिकांश जीवाणु। - **विषमपोषी पोषण के प्रकार:** - **प्राणीसम पोषण (Holozoic Nutrition):** - जीव ठोस भोजन ग्रहण करते हैं और फिर उसे शरीर के अंदर पचाते हैं। - **चरण:** अंतर्ग्रहण (Ingestion), पाचन (Digestion), अवशोषण (Absorption), स्वांगीकरण (Assimilation), बहिष्करण (Egestion)। - **उदाहरण:** मनुष्य, अमीबा, जानवर। - **मृतजीवी पोषण (Saprophytic Nutrition):** - जीव अपना भोजन मृत और सड़े-गले कार्बनिक पदार्थों से प्राप्त करते हैं। - वे पाचन एंजाइमों को शरीर के बाहर स्रावित करते हैं और फिर पचे हुए भोजन को अवशोषित करते हैं। - **उदाहरण:** कवक (जैसे मशरूम, यीस्ट), कुछ जीवाणु। - **परजीवी पोषण (Parasitic Nutrition):** - जीव (परजीवी) दूसरे जीव (पोषी) के शरीर के अंदर या बाहर रहकर उससे अपना पोषण प्राप्त करते हैं, उसे बिना मारे। - **उदाहरण:** अमरबेल (पौधों में), जूँ, किलनी, फीताकृमि (जंतुओं में)। ### एककोशिकीय जीवों में पोषण (Nutrition in Unicellular Organisms) #### 1. अमीबा में पोषण (Nutrition in Amoeba) - अमीबा एक एककोशिकीय जीव है जो प्राणीसम पोषण विधि द्वारा भोजन ग्रहण करता है। - **चरण:** 1. **अंतर्ग्रहण (Ingestion):** अमीबा अपने कूटपादों (Pseudopodia) की मदद से भोजन कण को घेर लेता है और एक खाद्य रिक्तिका (Food Vacuole) बनाता है। 2. **पाचन (Digestion):** खाद्य रिक्तिका में पाचक एंजाइम स्रावित होते हैं जो भोजन को सरल पदार्थों में तोड़ते हैं। 3. **अवशोषण (Absorption):** पचा हुआ भोजन खाद्य रिक्तिका से कोशिकाद्रव्य (Cytoplasm) में अवशोषित हो जाता है। 4. **स्वांगीकरण (Assimilation):** अवशोषित भोजन का उपयोग ऊर्जा प्राप्त करने, वृद्धि करने और मरम्मत के लिए किया जाता है। 5. **बहिष्करण (Egestion):** अपचित भोजन को कोशिका की सतह पर बनी एक अस्थायी छिद्र से बाहर निकाल दिया जाता है। #### 2. पैरामीशियम में पोषण (Nutrition in Paramecium) - पैरामीशियम भी एक एककोशिकीय जीव है जिसमें प्राणीसम पोषण होता है। - इसमें एक निश्चित आकार और एक विशिष्ट स्थान होता है जहाँ से भोजन ग्रहण किया जाता है। - भोजन सीलिया (Cilia) की मदद से कोशिका के मुख (Oral Groove) तक पहुँचाया जाता है। ### मानव में पोषण (Nutrition in Humans) - मानव में पोषण एक जटिल प्रक्रिया है जिसमें एक सुविकसित पाचन तंत्र (Digestive System) शामिल होता है। - यह प्राणीसम पोषण का एक उदाहरण है। - **पाचन तंत्र के मुख्य अंग:** 1. **मुख (Mouth):** - भोजन का अंतर्ग्रहण होता है। - दाँत भोजन को चबाते हैं और छोटे टुकड़ों में तोड़ते हैं (यांत्रिक पाचन)। - लार ग्रंथियाँ (Salivary Glands) लार (Saliva) स्रावित करती हैं जिसमें एमाइलेज (Salivary Amylase) एंजाइम होता है, जो स्टार्च (कार्बोहाइड्रेट) का आंशिक पाचन शुरू करता है। 2. **ग्रसिका (Oesophagus / Food Pipe):** - चबाया हुआ भोजन ग्रसिका से होकर क्रमाकुंचन (Peristaltic Movements) नामक तरंग गति द्वारा आमाशय तक पहुँचता है। - इसमें कोई पाचन नहीं होता। 3. **आमाशय (Stomach):** - **जठर ग्रंथियाँ (Gastric Glands):** आमाशय की दीवार में होती हैं और जठर रस (Gastric Juice) स्रावित करती हैं। - **जठर रस में:** - **हाइड्रोक्लोरिक अम्ल (HCl):** भोजन को अम्लीय बनाता है, हानिकारक जीवाणुओं को मारता है, और पेप्सिन एंजाइम को सक्रिय करता है। - **पेप्सिन (Pepsin):** प्रोटीन का पाचन शुरू करता है। - **श्लेष्मा (Mucus):** आमाशय की आंतरिक परत को अम्ल से बचाता है। - भोजन 3-4 घंटे तक आमाशय में रहता है और अर्ध-पचित लेई (Chyme) में बदल जाता है। 4. **छोटी आँत (Small Intestine):** - पाचन तंत्र का सबसे लंबा भाग (लगभग 6.5 मीटर)। - यह वह स्थान है जहाँ कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन और वसा का पूर्ण पाचन होता है। - **यकृत (Liver):** पित्त रस (Bile Juice) स्रावित करता है, जो पित्ताशय (Gallbladder) में जमा होता है। पित्त वसा के बड़े गोलिकाओं को छोटी गोलिकाओं में तोड़ता है (वसा का इमल्सीकरण - Emulsification of Fats), जिससे लाइपेज एंजाइम उन पर आसानी से कार्य कर सके। पित्त क्षारीय होता है। - **अग्नाशय (Pancreas):** अग्नाशयी रस (Pancreatic Juice) स्रावित करता है जिसमें एंजाइम होते हैं: - **एमाइलेज (Amylase):** कार्बोहाइड्रेट का पाचन। - **ट्रिप्सिन (Trypsin):** प्रोटीन का पाचन। - **लाइपेज (Lipase):** वसा का पाचन। - **छोटी आँत की दीवार की ग्रंथियाँ:** आँत्रीय रस (Intestinal Juice) स्रावित करती हैं जिसमें एंजाइम होते हैं जो सभी पोषक तत्वों का पूर्ण पाचन करते हैं: - कार्बोहाइड्रेट $\rightarrow$ ग्लूकोज (Glucose) - प्रोटीन $\rightarrow$ अमीनो अम्ल (Amino Acids) - वसा $\rightarrow$ वसीय अम्ल (Fatty Acids) और ग्लिसरॉल (Glycerol) - **अवशोषण (Absorption):** छोटी आँत की आंतरिक सतह पर हजारों उँगली जैसी संरचनाएँ होती हैं जिन्हें **दीर्घ रोम (Villi)** कहते हैं। ये अवशोषण के लिए सतह क्षेत्र को बढ़ाते हैं। पचे हुए भोजन को दीर्घ रोम की रक्त वाहिकाओं द्वारा अवशोषित कर लिया जाता है। 5. **बड़ी आँत (Large Intestine):** - लगभग 1.5 मीटर लंबी। - अपचित भोजन छोटी आँत से बड़ी आँत में आता है। - **कार्य:** मुख्य रूप से जल और कुछ लवणों का अवशोषण। - मल (Faeces) का निर्माण होता है। 6. **मलाशय (Rectum):** - मल को अस्थायी रूप से संग्रहित करता है। 7. **गुदा (Anus):** - मल को शरीर से बाहर निकालता है (बहिष्करण)। ### दाँत और पोषण (Teeth and Nutrition) - दाँत भोजन को चबाने और छोटे टुकड़ों में तोड़ने में मदद करते हैं, जो पाचन की पहली यांत्रिक प्रक्रिया है। - **दाँतों के प्रकार (Types of Teeth):** - **कृन्तक (Incisors):** काटने के लिए। - **रदनक (Canines):** फाड़ने के लिए। - **अग्रचर्वणक (Premolars):** चबाने और पीसने के लिए। - **चर्वणक (Molars):** चबाने और पीसने के लिए। - **दंत क्षय (Dental Caries/Tooth Decay):** - जब हम भोजन करते हैं, तो भोजन के कण और शर्करा दाँतों पर चिपक जाते हैं। - मुँह में मौजूद जीवाणु इन शर्कराओं पर क्रिया करके अम्ल उत्पन्न करते हैं। - यह अम्ल दाँतों के इनेमल (Enamel) और डेंटिन (Dentin) को धीरे-धीरे नरम करके क्षय (Cavities) का कारण बनता है। - **बचाव:** नियमित रूप से दाँतों को ब्रश करना, मीठे खाद्य पदार्थों का सेवन कम करना। ### निष्कर्ष (Conclusion) - पोषण सभी जीवों के लिए एक मूलभूत जीवन प्रक्रिया है। - यह ऊर्जा प्रदान करता है, वृद्धि में मदद करता है और शरीर की मरम्मत करता है। - विभिन्न जीवों में पोषण के तरीके अलग-अलग होते हैं, लेकिन उनका मूल उद्देश्य समान होता है।